सम्पादकीय / आज की राजनीति: सत्ता नहीं, जनता सबसे बड़ी प्राथमिकता हो ..... विवेक भारती
सम्पादकीय आज की राजनीति: सत्ता नहीं, जनता सबसे बड़ी प्राथमिकता हो भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ सरकारें जनता के विश्वास से बनती हैं और जनता के विश्वास से ही बदलती भी हैं। इसलिए राजनीति का मूल उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनसेवा और राष्ट्र निर्माण होना चाहिए। आज जब देश विकास की नई संभावनाओं की ओर बढ़ रहा है, तब यह आवश्यक है कि राजनीति का केंद्र चुनावी नारों से हटकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, महंगाई और सुशासन जैसे मूलभूत मुद्दों पर हो। राजनीति का उद्देश्य जनसेवा हो लोकतंत्र में चुने गए जनप्रतिनिधि केवल कानून बनाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए चुने जाते हैं। जनता उनसे पारदर्शिता, ईमानदारी, जवाबदेही और संवेदनशील नेतृत्व की अपेक्षा करती है। चुनावी वादे तभी सार्थक हैं जब वे धरातल पर दिखाई दें। शिक्षा: विकास की पहली शर्त यदि किसी राष्ट्र को मजबूत बनाना है, तो उसकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा। गुणवत्ताप...