धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती
धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती
शिकारगंज : चकिया
डॉ. भीमराव अंबेडकर सेवा समिति के तत्वावधान में मंगलवार, 14 अप्रैल को बोधिसत्व एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के अनुयायियों, युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबा साहब के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारत की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान की रचना कर देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, शिक्षा एवं अभिव्यक्ति का मौलिक अधिकार प्रदान किया, जिससे समाज के वंचित और शोषित वर्गों को नई दिशा मिली।
समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि बाबा साहब का जन्म न हुआ होता, तो समाज के कमजोर वर्ग आज भी अपने अधिकारों से वंचित रहते। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के बीच शिक्षा प्राप्त कर पूरे समाज के उत्थान का मार्ग प्रशस्त किया।
उन्होंने आगे बताया कि बाबा साहब ने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा भारतीय संविधान का निर्माण कर दलित, पिछड़े एवं शोषित वर्गों को समान अधिकार दिलाए। आज उनके विचारों और संघर्षों का ही परिणाम है कि समाज का हर वर्ग शिक्षा प्राप्त कर उच्च पदों—जैसे मंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम और एसडीएम—तक पहुंच रहा है।
इस अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा (रोड शो) निकाली गई, जो शिकारगंज से प्रारंभ होकर गायघाट होते हुए संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी के मंदिर प्रांगण तक पहुंची। वहां केक काटकर बाबा साहब की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम का आयोजन डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर सेवा समिति के तत्वाधान में किया गया जिसमें , संतोष प्रधान, जय राम प्रधान, काजू भारती, सूर्य प्रताप, संजय, संदीप, परदेसी राव, सुरेंद्र राव, विवेक भारती , डॉक्टर मुन्नू, हरि गोविंद, पुनीत सहित अनेक समाजसेवियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और शोभायात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
👉 पूरे क्षेत्र में उत्साह, गर्व और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने तथा समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
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