बाबा साहब अम्बेडकर का अपमान कब तक -काशी वन जीव प्रभाग रामनगर चंद्रप्रभा रेंज के रेंजर कर रहे उनके अनुयायियों को आहत नहीं रखी 15 अगस्त और 26 जनवरी को बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर
बाबा साहब अंबेडकर चकिया रेंजर कर रहे उनके अनुयायियों को आहत नहीं रखी 15 अगस्त और 26 जनवरी को बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर
चकिया / चन्दौली ( जनतंत्र मीडिया ) उत्तर प्रदेश के जनपद चंदौली में आने वाले काशी वन जीव प्रभाग रामनगर वाराणसी के तहत चंद्रप्रभा रेंज के चंद्रप्रभा रेंजर अखिलेश दुबे अपने बिरादरी को लेकर कर इतने सजग है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी 2026 को भारतीय संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की गांधी और अन्य महापुरुषों की जगह तस्वीर रखना मुनासिब नहीं समझे , जबकि सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली कि उन्हीं के विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा दोनों बार बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर रखने को कही गई लेकिन चंद्रभान रेंजर अपने पावर में इतने चूर थे , सूत्रों की माने तो चंद्रप्रभा रेंजर का कहना है कि हम संविधान को नहीं मानते है, और ना ही बाबा साहब अम्बेडकर को मनाते है।
कि उन्होंने अपने से छोटे कर्मचारियों का एक भी नहीं सुने शायद काशी वन जीव प्रभाग रामनगर चंद्रप्रभा रेंज के रेंजर अखिलेश दुबे यह भूल गए हैं कि आज जो यह आजादी 15 अगस्त 26 जनवरी मनाई जाती है वह बाबा साहब अंबेडकर की देन है अन्यथा या 26 जनवरी आज के तारीख में नहीं मनाई जाती , आप सभी को अवगत करा दे की डेंजर अखिलेश दुबे का यह बताओ बताता है की संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के प्रति उनकी क्या मंशा है इतना ही नहीं वहां मौजूद बाबा साहब को मानने वालों लोगों के सम्मान को चंद्रभान रेंज के रेंजर अखिलेश दुबे ने आहट पहुंचाया है,
क्या यह सही है।
माना की 15 अगस्त 2025 को एक भूल बस बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर नहीं लगी लेकिन क्या बार-बार बाबा साहब अंबेडकर का झंडा रोहण के समय तस्वीर ना लगाना एक उच्च पद के अधिकारी को यह शोभा देता है , जब उनके विभाग कर्मचारी बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर लगाने को बोले तो बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर लगाने से मना कर देना कहां तक यह बात सही है की एक बड़ा अधिकारी एक ऐसे महापुरुष की तस्वीर लगाने से मन कर रहा है जिसके वजह से आज हम सब भारत वासी 26 जनवरी बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।
अब देखना यह है कि इस खबर के बाद बड़े अधिकारियों का चल पावर रेंजर के प्रति क्या कार्यवाही की जाती है।
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