अमदहा में गूंजा कांशीराम साहब का संदेश—‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’
अमदहा में गूंजा कांशीराम साहब का संदेश—‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’
20वें परिनिर्वाण दिवस पर सामाजिक न्याय, आरक्षण और संविधान की रक्षा का संकल्प; महेंद्र कुमार राव ने भाजपा सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
नौगढ़ (चकिया), चंदौली। बहुजन समाज के राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों की आवाज बुलंद करने वाले मान्यवर कांशीराम साहब के 20वें परिनिर्वाण दिवस पर चकिया विधानसभा क्षेत्र के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत अमदहा ग्राम पंचायत में गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों को याद करते हुए सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण और बहुजन समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर चर्चा हुई। गोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र कुमार राव ने अपने संबोधन में वंचित वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होने का आह्वान किया।
बहुजन समाज की हिस्सेदारी पर दिया जोर
मुख्य अतिथि महेंद्र कुमार राव ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समानता, स्वतंत्रता और न्याय पर आधारित समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की। वहीं, मान्यवर कांशीराम साहब ने बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक होकर सत्ता और व्यवस्था में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी”** का नारा बहुजन समाज की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व की मांग को रेखांकित करता है। उन्होंने *“वोट हमारा, राज तुम्हारा—नहीं चलेगा, नहीं चलेगा”* का नारा बुलंद करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का महत्व तभी सार्थक होगा, जब समाज के सभी वर्गों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में उचित प्रतिनिधित्व मिले।
भाजपा सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
महेंद्र कुमार राव ने उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के अधिकारों, आरक्षण तथा संवैधानिक मूल्यों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की व्यवस्था की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
गोष्ठी में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के अपने राजनीतिक लक्ष्य का उल्लेख करते हुए संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही।
कांशीराम साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्यामलाल भारती ने की, जबकि संचालन मल्लू राम ने किया। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों के विचारों को केवल स्मरण करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि समानता, शिक्षा, सामाजिक सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता के माध्यम से उन्हें समाज में आगे बढ़ाना चाहिए।
इस अवसर पर अमदहा के प्रधान पति जिलाजीत, समाजवादी बाबा साहब वाहिनी के जिला अध्यक्ष सुमित कुमार, विजयी, रामबृक्ष यादव, महेंद्र, चंद्रभान, गोलू, रामअवध बांस, अर्जुन, शोभित कुमार, लालचंद प्रधान, रामप्रसाद, सुरेश कुमार, तहसीलदार, चिरंजीव लाल सिंह यादव, अरुण कुमार त्यागी, संदीप कुमार, परदेशी राव और संतोष कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
गोष्ठी का समापन मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों को आगे बढ़ाने तथा संविधान, सामाजिक समानता और बहुजन समाज के अधिकारों के प्रति जागरूकता मजबूत करने के आह्वान के साथ हुआ।
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